V Tailang
Wednesday, December 22, 2010
INDIA IS SHINING OR RISING OR EMERGING
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SOME SAY INDIA IS SHINING, DEFINTLY JEWEL SHINES AFTER POLISHING, DUST OR DHUL CAN NOT COVER ITS GLITTER'S TO REFLECT FOR LONG!! SOME...
TEARS
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TEARS CAN BE OF FEAR, TEARS CAN BE OF PITY, TEARS CAN BE OF JOY, TEARS CAN COME OUT WHEN YOU ENJOY. TEARS CAN COME OUT WHEN YOU ARE HAPPY, I...
Tuesday, December 14, 2010
अंततः मेरा काम ही शेष रह जाएगा, जो मैंने कहा अथवा लिखा है, वह नहीं।
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अंततः मेरा काम ही शेष रह जाएगा, जो मैंने कहा अथवा लिखा है, वह नहीं। हरि, 1-5-1947, पृ. 93 (स्त्रोत : महात्मा गांधी के विचार
संन्यासी नहीं-(गांधीजी)
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संन्यासी नहीं मैंने कभी अपने आपको संन्यासी नहीं कहा। संन्यास बड़ी कठिन चीज है। मैं तो स्वयं को एक गृहस्थ मानता हूं जो अपने सहकर्मियों के साथ...
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मैं अपने जीवन में न कोई अंतर्विरोध पाता हूं, न कोई पागलपन। यह सही है कि जिस तरह आदमी अपनी पीठ नहीं देख सकता, उसी तरह उसे अपनी त्रुटियां या अ...
सत्य की नीति - (गांधीजी)
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सत्य की नीति मैं 'संत के वेश में राजनेता' नहीं हूं। लेकिन चूंकि सर्वोच्च बुद्धिमला है इसलिए कभी-कभी मेरे कार्य किसी शीर्षस्थ राजनेता...
1. न संत, न पापी-अपने बारे में (गांधीजी)
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Tuesday, Dec 14, 2010,1. न संत, न पापी-अपने बारे में (गांधीजी) मैं सोचता हूं कि वर्तमान जीवन से 'संत' शब्द निकाल दिया जाना चाहिए। यह...
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